Ministry of Heavy Industries of the Republic of India

08/11/2026 | Press release | Distributed by Public on 08/11/2026 09:49

एयर इंडिया की 04.08.2026 की उड़ान एआई 2379 (फुकेट–दिल्ली) की जांच

नागरिक उड्डयन मंत्रालय

एयर इंडिया की 04.08.2026 की उड़ान एआई 2379 (फुकेट-दिल्ली) की जांच

प्रविष्टि तिथि: 11 AUG 2026 7:16PM by PIB Delhi

04.08.2026 को एयर इंडिया का एयरबस ए320 विमान, पंजीकरण संख्या वीटी-ईएक्सओ, फुकेट से दिल्ली के लिए निर्धारित उड़ान एआई 2379 का संचालन कर रहा था। उड़ान के दौरान क्रूज़ अवस्था में विमान की ऊंचाई में अचानक लगभग 300 फुट का परिवर्तन हुआ। इसके बाद विमान स्थिर हो गया और दिल्ली में सुरक्षित उतर गया।

इस घटना के दौरान 20 यात्रियों तथा चार केबिन क्रू सदस्यों के घायल होने की सूचना मिली। विमान में तीन शिशुओं सहित 137 यात्री तथा दो पायलट और छह केबिन क्रू सदस्यों सहित कुल आठ चालक दल के सदस्य सवार थे।

डीजीसीए से प्राप्त जानकारी तथा घटना की प्रकृति के आधार पर, विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने लागू प्रावधानों तथा आईसीएओ प्रोटोकॉल के अनुसार जांच प्रारंभ कर दी है। इस संबंध में आईसीएओ तथा संबंधित देशों को आवश्यक सूचनाएं भेज दी गई हैं।

ऐसी प्रकृति की विमानन घटना की जांच में अभिकल्पना देश (स्टेट ऑफ डिज़ाइन) तथा निर्माण देश (स्टेट ऑफ मैन्युफैक्चर) की भागीदारी, आईसीएओ प्रोटोकॉल के अंतर्गत निर्धारित अंतरराष्ट्रीय जांच व्यवस्था का एक स्थापित हिस्सा है।

तदनुसार, संबंधित देश के जांच प्राधिकरण ब्यूरो द'आँकेत ए द'अनालिज़ पूर ला सेक्यूरिते द ल'आवियासियों सिविल (बीईए), फ्रांस, एयरबस के तकनीकी प्रतिनिधियों के साथ मिलकर, लागू आईसीएओ ढांचे के अनुरूप एएआईबी को आवश्यक तकनीकी सहायता प्रदान कर रहा है। इसमें प्रासंगिक तकनीकी जानकारी तथा अभिकल्प संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराना भी शामिल है।

एएआईबी वर्तमान में सभी प्रासंगिक तकनीकी, परिचालन, चिकित्सीय तथा मानवीय कारकों से संबंधित साक्ष्यों का व्यवस्थित रूप से संग्रह, संरक्षण और परीक्षण कर रहा है। इसमें विमान एवं उसकी प्रणालियों की जांच, दर्ज उड़ान संबंधी आंकड़ों, प्रासंगिक परिचालन एवं अनुरक्षण अभिलेखों, चिकित्सीय जानकारी का परीक्षण तथा संबंधित व्यक्तियों के साक्षात्कार शामिल हैं। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी भौतिक एवं अन्य साक्ष्यों की समग्र रूप से जांच की जाएगी।

जांच का एकमात्र उद्देश्य घटना से संबंधित परिस्थितियों और उसमें योगदान देने वाले कारकों का निर्धारण करना तथा पुनरावृत्ति को रोकने के लिए उपयुक्त सुरक्षा उपायों की पहचान करना है। जांच स्वतंत्र, साक्ष्य-आधारित और व्यापक है तथा जांच जारी रहने के दौरान किसी एकाकी सूचना के आधार पर घटना के कारण के संबंध में कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए।

जांच के दौरान एकत्र किए गए कुछ अभिलेख, बयान, चिकित्सीय जानकारी तथा अन्य सामग्री लागू जांच ढांचे के अनुसार संरक्षित और गोपनीय हैं। तथ्यों के निष्पक्ष, वस्तुनिष्ठ एवं तकनीकी रूप से सुदृढ़ निर्धारण के लिए जांच प्रक्रिया की अखंडता और गोपनीयता बनाए रखना आवश्यक है। इसलिए एएआईबी सभी संबंधित पक्षों, जिनमें मीडिया और आम जनता भी शामिल हैं, से जांच प्रक्रिया का सम्मान करने तथा अपूर्ण, असत्यापित या चुनिंदा रूप से उपलब्ध जानकारी के आधार पर निष्कर्ष निकालने से बचने का अनुरोध करता है।

एएआईबी सभी महत्वपूर्ण तथ्यों और प्रासंगिक साक्ष्यों को शामिल करते हुए गहन जांच करेगा तथा लागू प्रावधानों और आईसीएओ प्रोटोकॉल के अनुसार निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने प्रारंभिक निष्कर्ष जारी करेगा। जांच के उपयुक्त चरण पर आगे की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।

एएआईबी एक स्वतंत्र, पारदर्शी और पेशेवर जांच के लिए प्रतिबद्ध है, जिसका सर्वोपरि उद्देश्य विमानन सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

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पीके/केसी/पीके/एसएस


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