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09/15/2026 | Press release | Distributed by Public on 09/15/2026 12:56

टीएमसी के 10 बागी विधायकों पर अयोग्यता की तलवार: बंगाल विधानसभा सचिवालय ने भेजा नोटिस; क्या होगा अगला कदम

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टीएमसी के 10 बागी विधायकों पर अयोग्यता की तलवार: बंगाल विधानसभा सचिवालय ने भेजा नोटिस; क्या होगा अगला कदम?

Tue, 15 Sep 2026 11:56 PM IST
निर्मल कांत पीटीआई, कोलकाता।
पीटीआई, कोलकाता। Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 15 Sep 2026 11:56 PM IST
सार

पश्चिम बंगाल विधानसभा सचिवालय ने टीएमसी के 10 बागी विधायकों को नोटिस जारी किया है। ममता बनर्जी गुट ने इन विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग की थी। अब बागी विधायक क्या जवाब देंगे और क्या उनकी विधानसभा सदस्यता जाएगी? पढ़िए रिपोर्ट

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ऋतब्रत बनर्जी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई
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विस्तार

पश्चिम बंगाल विधानसभा सचिवालय ने मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बागी गुट से जुड़े 10 विधायकों को नोटिस भेजा। उनसे एक हफ्ते के भीतर जवाब मांगा गया है। यह नोटिस ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की ओर से दायर अयोग्यता याचिका पर भेजा गया है। इस याचिका के बाद पार्टी में चल रहा सत्ता संघर्ष अब औपचारिक कार्यवाही में बदल गया है।
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किन विधायकों को भेजा गया नोटिस?
नोटिस विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी और नौ अन्य विधायकों को भेजे गए हैं। इनमें अरूप रॉय, फिरहाद हकीम, संदीपन साहा, अखरुज्जमान अंसारी, शिउली साहा, सबीना यास्मीन, विप्लव मित्रा, जावेद खान और रतिन घोष शामिल हैं। विधानसभा के सूत्रों ने बताया कि इन सभी से सात दिनों के भीतर जवाब देने को कहा गया है।
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विधायक अखरुज्जमान अंसारी ने क्या कहा?
मंगलवार देर रात यह मामला सामने आया। अंसारी ने नोटिस मिलने की पुष्टि की। उन्होंने कहा, हम पार्टी के भीतर इस मामले पर चर्चा करेंगे। इसके बाद समय पर जवाब देंगे।
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ममता बनर्जी गुट ने किया था सुप्रीम कोर्ट का रुख
इससे पहले टीएमसी के वरिष्ठ विधायक सोवनदेब चट्टोपाध्याय ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। वह ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की ओर से विधानसभा में विपक्ष के नेता पद के उम्मीदवार हैं। उन्होंने ऋतब्रत बनर्जी और नौ अन्य विधायकों को दल-बदल कानून के तहत अयोग्य ठहराने की मांग की है।

सोवनदेब चट्टोपाध्याय ने सात जुलाई को विधानसभा अध्यक्ष रतिन बोस को पत्र लिखा था। उन्होंने 10 विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि इन विधायकों ने पार्टी के हितों के खिलाफ काम किया है।

विधानसभा में विपक्ष के नेता की नियुक्ति का मामला पहले से ही कलकत्ता हाईकोर्ट में लंबित है। चट्टोपाध्याय ने विधानसभा अध्यक्ष के फैसले को चुनौती दी है। इस फैसले में ऋतब्रत बनर्जी को विपक्ष के नेता के पद पर मान्यता दी गई थी।

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इन नोटिसों के बाद टीएमसी के भीतर चल रही गुटबाजी सीधे विधानसभा की औपचारिक प्रक्रिया में पहुंच गई है। दोनों गुट अब सिर्फ पार्टी के नेतृत्व के लिए नहीं लड़ रहे हैं। वे विधानसभा में अपने-अपने पद और दावों की वैधता को लेकर भी आमने-सामने हैं।

दल-बदल कानून के तहत यह कार्रवाई ऋतब्रत बनर्जी के विपक्ष का नेता चुने जाने के बाद हुए घटनाक्रम से जुड़ी है। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने इस पद के लिए सोवनदेव चट्टोपाध्याय को उम्मीदवार बनाया था। इसके बावजूद ऋतब्रत बनर्जी को विपक्ष का नेता चुना गया।

टीएमसी के बागी गुट का क्या कहना है?
बागी गुट का दावा है कि उसे टीएमसी के ज्यादातर विधायकों का समर्थन हासिल है। उसका कहना है कि पार्टी के 80 में से 65 विधायक ऋतब्रत बनर्जी के दावे का समर्थन कर रहे हैं। इसके बाद बागी गुट ने अखरुज्जमान अंसारी को मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) चुना। उसने संगठन के स्तर पर भी समानांतर गतिविधियां शुरू कीं। इसके जरिये उसने पार्टी नेतृत्व के अधिकार को चुनौती दी।

पार्टी के भीतर संकट कैसे पैदा हुआ?
यह संकट मई में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की हार के बाद शुरू हुआ। यह विवाद संसद तक भी पहुंच गया है। बागी गुट के साथ जुड़े 20 लोकसभा सांसदों ने टीएमसी छोड़ दी है। वे नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में शामिल हो गए हैं। एनसीपीआई ने भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के साथ गठबंधन किया है।

लोकसभा सचिवालय ने इन 20 बागी सांसदों को भी नोटिस भेजे हैं। ये नोटिस उन्हें दल-बदल कानून के तहत अयोग्य ठहराने की मांग वाली याचिकाओं पर जारी किए गए हैं। ये नोटिस सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से इन अयोग्यता याचिकाओं पर जल्द फैसला लेने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करने का फैसला किया है।
Amar Ujala Ltd published this content on September 15, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on September 15, 2026 at 18:56 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]