04/16/2026 | Press release | Distributed by Public on 04/16/2026 10:26
भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) ने एआई नियमन एवं आर्थिक समूह(एआईजीईजी) का गठन किया, जो एक उच्च स्तरीय अंतर-मंत्रालयी निकाय है और एआई नियमन नीति विकास और समन्वय के लिए भारत के केंद्रीय संस्थागत तंत्र के तौर पर कार्य करेगा।
एआईजीईजी के गठन से भारत के एआई नियामक दिशानिर्देशों और आर्थिक सर्वेक्षण में की गई संस्थागत सिफारिशों को औपचारिक रूप दिया गया है।
दिशानिर्देशों में एआई नियमन के लिए समग्र सरकारी दृष्टिकोण को निर्देशित करने के लिए एक अंतर-मंत्रालयी निकाय की स्थापना की सिफारिश की गई है, जिससे मंत्रालयों, विभागों, नियामकों और सलाहकार निकायों की कार्रवाइयों को एक सुसंगत राष्ट्रीय रणनीति के अनुरूप बनाया जा सके। वहीं, आर्थिक सर्वेक्षण में एआई के इस्तेमाल को श्रम संबंधी वास्तविकताओं और सामाजिक स्थिरता की प्राथमिकताओं के अनुरूप बनाने में सक्षम एक समन्वय प्राधिकरण की आवश्यकता पर बल दिया गया है।
इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी, रेल एवं सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव एआईजीईजी की अध्यक्षता करेंगे, जबकि इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी व वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद उपाध्यक्ष के तौर पर कार्यभार देखेंगे। एआईजीईजी की सदस्यता में नीति निर्माण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, सुरक्षा एवं आर्थिक मामलों से जुड़े सरकार के वरिष्ठ हितधारक शामिल हैं।
एआईजीईजी भारत के एआई नियामक संस्थागत ढांचे के भीतर सर्वोच्च अंतर-मंत्रालयी निकाय के तौर पर कार्य करेगा। इसे एक प्रौद्योगिकी और नीति विशेषज्ञ समिति (टीपीईसी) का सहयोग प्राप्त होगा, जो एआईजीईजी को वैश्विक घटनाक्रमों, उभरती प्रौद्योगिकियों, जोखिमों, विनियमन और एआई नीति एवं शासन से संबंधित अन्य विकसित प्राथमिकताओं पर विशेषज्ञ सलाह प्रदान करेगी।
एआईजीईजी की संरचना और कार्यक्षेत्र के विवरण के लिए, कृपया देखें:
https://d12aarmt01l54a.cloudfront.net/cms/files/constitution-of-aigeg/1776346498.pdf
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