08/13/2026 | Press release | Distributed by Public on 08/13/2026 02:23
Link Copied
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
यह खबर एप पर पढ़ें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लॉगिन करेंकानपुर में कर चोरी की आशंका में आयकर विभाग की टीमों ने बुधवार को राजस्थान लिकर कंपनी और आरती डिस्टिलरीज के सात ठिकानों पर कार्रवाई की। शुरुआती जांच में विभाग को कर चोरी से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज हाथ लगे हैं। कंपनियों का टर्नओवर 1400-1500 सालाना होने के बाद भी केवल 8-9 करोड़ का आयकर चुकाया जा रहा था।
दिखाए जा रहे थे बोगस खर्च
आरती डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड अनाज आधारित शराब का उत्पादन और आपूर्ति करती है। आयकर विभाग की टीमों ने सर्वे के दौरान विभिन्न स्थानों से महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज और रिकॉर्ड जब्त किए हैं। इन दस्तावेज से कर चोरी के आरोपों की पुष्टि होने की संभावना है। सूत्रों ने बताया कि कंपनी की कमाई और खर्च बहुत अधिक है, लेकिन इन्हें दस्तावेजों में बेहद कम दिखाया जा रहा था। बोगस खर्च दिखाए जा रहे थे। इसके अलावा कमाई को इधर-उधर खपाया जा रहा है।
महल जैसा घर और कार्यालय
सूत्रों ने बताया कि कंपनी की कमाई बहुत अच्छी है। और कंपनी अपना और उत्पादों का लगातार विस्तार कर रही है। विदेश से भी शराब सप्लाई का कारोबार है। कई विदेशी लोग इनकी कंपनियों में 10-10 प्रतिशत के पार्टनर हैं। इसका खुलासा जांच में हुआ है। विदेशी पार्टनर यूरोप में रहते हैं। बताया गया कि कंपनी के एमडी और निदेशक जहां पर रहते हैं। वो महल नुमा बने हैं। कार्यालयों के रखरखाव में बड़े पैमाने पर खर्च किया गया है। लेकिन इसका हिसाब नहीं मिल रहा है। बोगस खर्च दिखाने के प्रमाण मिले हैं।
2015 में पड़ा था छापा, जीएसटी विभाग भी कर चुका कार्रवाई
कानपुर। बताया कि 11 साल पहले 2015 में कंपनी के प्रतिष्ठानों पर आयकर विभाग ने बड़े पैमाने पर छापा मारा था। इसमें बड़े पैमाने पर कर चोरी मिली थी। इसके अलावा चार साल पहले जीएसटी विभाग ने कार्रवाई की थी। इस दौरान भी करोड़ों की कर चोरी पकड़ी गई थी।