Ministry of Heavy Industries of the Republic of India

04/23/2026 | Press release | Distributed by Public on 04/23/2026 03:28

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर सुल्तानपुर में आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (ईएलएफ) सक्रिय की गई

रक्षा मंत्रालय

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर सुल्तानपुर में आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (ईएलएफ) सक्रिय की गई

प्रविष्टि तिथि: 23 APR 2026 1:39PM by PIB Delhi

भारतीय वायु सेना ने 22 अप्रैल, 2026 को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर दिन और रात दोनों समय 'आपातकालीन लैंडिंग सुविधा' (ईएलएफ) को सक्रिय किया, जिससे रक्षा संबंधी तैयारियों को मजबूत करने के लिए उसकी संचालन क्षमता प्रदर्शित हुई। उत्तर प्रदेश के पंचायती राज और अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री श्री ओम प्रकाश राजभर, वायु सेना प्रमुख बी. मणिकांतन, एओसी-इन-सी, सीएसी और अन्य अधिकारी भारतीय वायु सेना के विमानों द्वारा ईएलएफ संचालन को देखने के लिए उपस्थित थे।

भारतीय वायु सेना की संचालन क्षमता का प्रदर्शन जैगुआर, मिराज-2000, सुखोई-30 एमकेआई, सी-295 और एएन-32 सहित विभिन्न प्रकार के विमानों के बेड़े, एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर और गरुड़ कमांडो टीम के संचालन के माध्यम से किया गया। भारतीय वायु सेना ने यूपीईआईडीए और स्थानीय नागरिक प्रशासन के साथ मिलकर दिन और रात दोनों समय इन आपातकालीन विमान बेड़े को कम से कम समय में सक्रिय करने के लिए अपनी मानक संचालन प्रक्रियाओं का मान्यीकरण किया।

इस अभियान ने मानक रनवे की अनुपलब्धता के दौरान भी निर्बाध संचालन करने की भारतीय वायु सेना की क्षमता को काफी हद तक बढ़ाया है, जिससे इसकी संचालन क्षमता का प्रदर्शन हुआ है। इसने वायु सेना के कुशल विमान चालक दल और जमीनी चालक दल की अल्प सूचना पर ऐसे एक्सप्रेसवे हवाई पट्टियों को सक्रिय करने की क्षमता को प्रदर्शित किया है। राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे पर रणनीतिक रूप से विकसित ये हवाई पट्टियां संचालन संबंधी मजबूती को काफी हद तक बढ़ाती हैं और आपात स्थितियों के दौरान महत्वपूर्ण बलों को कई गुणा बढ़ाने में मददगार हैं, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा और आपदा मोचन क्षमताओं को मजबूती मिलती है।

भारतीय वायु सेना की संचालन संबंधी आवश्यकताओं और यूपीईआईडीए के असैनिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रबंधन तथा स्थानीय नागरिक प्रशासन के सहयोग से निर्मित यह सहयोगात्मक ढांचा, ऐसे राजमार्गीय हवाई पट्टियों की संचालन व्यवहार्यता को अधिकतम करता है। ईएलएफ को सक्रिय बनाने में तीनों संगठनों द्वारा प्रदर्शित तालमेल न केवल राष्ट्र की समग्र रणनीतिक स्थिति को मजबूत करता है, बल्कि क्षेत्र में आपदा जोखिम न्यूनीकरण (एचएडीआर) क्षमताओं को भी बढ़ाता है।

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पीके/केसी/एसकेएस/एसवी


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