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09/29/2026 | Press release | Distributed by Public on 09/29/2026 09:00

सीडब्ल्यूसी बैठक: राहुल ने बताया- चुनावों में कैसे हो रही मैच फिक्सिंग; कांग्रेस करेगी सड़क से संसद तक विरोध

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सीडब्ल्यूसी बैठक: राहुल ने बताया- चुनावों में कैसे हो रही मैच फिक्सिंग; कांग्रेस करेगी सड़क से संसद तक विरोध

Tue, 29 Sep 2026 08:02 PM IST
देवेश त्रिपाठी पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: देवेश त्रिपाठी Updated Tue, 29 Sep 2026 08:02 PM IST
सार

कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में राहुल गांधी ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर कई आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि EVM और मतदाता सूचियों में कथित छेड़छाड़ के जरिए चुनावों में "मैच फिक्सिंग" हो रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को सड़कों से संसद तक विरोध और प्रतिरोध जारी रखना चाहिए।

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लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि देश में ईवीएम और मतदाता सूची के जरिए चुनावों में मैच फिक्सिंग की जा रही है।
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दिल्ली के इंदिरा भवन में हुई करीब ढाई घंटे की सीडब्ल्यूसी बैठक में राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस को सड़कों से लेकर संसद तक विरोध और प्रतिरोध के रास्ते से पीछे नहीं हटना चाहिए। सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने कहा कि चुनाव आयोग से जुड़े कई खुलासे अब सामने आ रहे हैं और ऐसा कांग्रेस की वजह से संभव हुआ है।
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वोट चोरी के मुद्दे की अब मीडिया में हो रही चर्चा
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस लगातार "वोट चोरी" के मुद्दे को मजबूती से उठाती रही है। उन्होंने हरियाणा, कर्नाटक और महाराष्ट्र में चुनावों में कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया। राहुल गांधी के मुताबिक, शुरुआत में कई लोग कांग्रेस के दावों को लेकर आशंकित थे।
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राहुल गांधी ने कहा कि अब यह मुद्दा मीडिया और संपादकीय लेखों में भी चर्चा का विषय बन रहा है। उनके मुताबिक, पिछले दो वर्षों में माहौल बदला है और इसके पीछे कांग्रेस की ओर से तथ्यों पर आधारित प्रस्तुतियां प्रमुख कारण हैं।

राहुल गांधी ने बताया चुनावों में कैसे हो रही मैच फिक्सिंग?
सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने कहा कि चुनावों में दो तरह की "मैच फिक्सिंग" हो रही है। एक ईवीएम से जुड़ी है और दूसरी मतदाता सूचियों में जानबूझकर किए जा रहे बदलाव से। उन्होंने कहा, "इसलिए मैच फिक्सिंग के दो रूप हैं: ईवीएम मैच फिक्सिंग और वोटर लिस्ट मैच फिक्सिंग, दोनों हो रहे हैं।"

राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि 2024 का चुनाव "पूरी तरह फिक्स और धांधली वाला" था। उन्होंने दिसंबर 2023 में पारित उस कानून का भी जिक्र किया, जिसके तहत मुख्य चुनाव आयुक्त और दो चुनाव आयुक्तों को सुरक्षा प्रदान की गई है। सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने इस कानून को अवैध बताया।

सड़कों से संसद तक विरोध की बात
सीडब्ल्यूसी बैठक में राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं से कहा कि कांग्रेस को "विरोध" और "प्रतिरोध" के रास्ते से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने सड़कों से लेकर संसद तक इस रुख को जारी रखने की बात कही। राहुल गांधी ने 1930 के लाहौर कांग्रेस अधिवेशन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय जब ब्रिटिश सरकार ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को प्रांतीय स्वायत्तता तक देने से इनकार कर दिया था, तब कांग्रेस ने "पूर्ण स्वराज" के रास्ते पर आगे बढ़ने का फैसला किया था।

उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार जब देश की जनता की आवाज और उनकी मांगों को सुनने से इनकार करती है, तो लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले दलों के सामने विरोध का रास्ता अपनाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।

कांग्रेस ने रखीं कौन-कौन सी मांगें?
कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल हटाने, एसआईआर को निलंबित करने, मतदाता सूचियों से हटाए गए 13 करोड़ से अधिक नामों को बहाल करने और चुनावों में कथित "मैच फिक्सिंग" को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग की है।

एसआईआर विवाद पर चुनाव आयोग ने क्या कहा?
सीडब्ल्यूसी की बैठक ऐसे समय हुई है जब द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में SIR से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार रिकॉर्ड पर आपत्ति जताई थी। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों अधिकारियों ने कहा था कि कुछ फैसले उनकी जानकारी या सिफारिश के बिना जारी किए गए।

चुनाव आयोग ने इन दावों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। आयोग ने कहा है कि किसी भी संस्थान में विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय और टिप्पणियां सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होती हैं। आयोग के अनुसार, उसके सभी आदेशों को पूर्ण कानूनी मान्यता प्राप्त है और वे स्थापित वैधानिक प्रक्रियाओं के तहत जारी किए गए हैं।
Amar Ujala Ltd published this content on September 29, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on September 29, 2026 at 15:00 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]