नई दिल्ली में छात्र मुद्दों को लेकर संसद में सरकार और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध के बीच पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। प्रधान ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी छात्रों के मुद्दे पर मगरमच्छ के आंसू बहा रहे हैं और तथ्यों के बजाय झूठ फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार संसद में छात्र मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी अलग मुद्दा जोड़कर चर्चा को आगे नहीं बढ़ने दे रहे हैं।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार ने लोकसभा में छात्र आंदोलनों और उनसे जुड़े मुद्दों पर चर्चा की पेशकश की थी। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में कहा था कि चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह सरकार की ओर से जवाब देंगे। हालांकि, कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने कहा कि वे तभी चर्चा के लिए तैयार होंगे, जब राम मंदिर चंदे के कथित गबन के आरोपों पर भी चर्चा कराई जाए। इसके बाद भाजपा ने आरोप लगाया कि विपक्ष जानबूझकर अपनी मांग बदलकर संसद की कार्यवाही रोक रहा है।
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छात्रों के मुद्दे को लेकर क्या आरोप लगे?
प्रधान ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर युवाओं और छात्रों से जुड़े मामलों में दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने झारखंड में कथित भर्ती परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे नौकरी के अभ्यर्थियों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। झारखंड में कांग्रेस, झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में सहयोगी है। प्रधान ने कहा कि जहां कांग्रेस सत्ता में हिस्सेदार है, वहां युवाओं के खिलाफ कार्रवाई होती है, जबकि दूसरे मामलों में कांग्रेस इसे राजनीतिक मुद्दा बनाती है।
संसद में चर्चा में न शामिल होने पर क्या कहा?
प्रधान ने सवाल किया कि राहुल गांधी लगभग हर मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं, लेकिन झारखंड में छात्रों के साथ कथित कार्रवाई पर उन्होंने चुप्पी क्यों साध रखी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस छात्रों के हितों को लेकर लगातार गलत बातें फैला रही है और राहुल गांधी के पास पर्याप्त तथ्य नहीं हैं। प्रधान ने गृह मंत्री अमित शाह पर लगाए गए राहुल गांधी के आरोपों को भी निराधार बताया और कहा कि राहुल गांधी संसद में सरकार का जवाब सुनने के बजाय बाहर से आरोप लगा रहे हैं।
क्या छात्र मुद्दे पर सदन में गतिरोध बढ़ गया?
मंगलवार को भी सरकार और विपक्ष के बीच संसद में गतिरोध बना रहा। प्रधान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस संसद की कार्यवाही बाधित कर देश और युवाओं के हितों को नुकसान पहुंचा रही है। उनका कहना है कि सरकार हर मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष जवाब सुनने के बजाय सदन के बाहर हंगामा कर रहा है। प्रधान ने कहा कि लोकतंत्र में तानाशाही की कोई जगह नहीं है और कांग्रेस को यह बात समझनी चाहिए।
कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
प्रधान ने कांग्रेस पर अपने राजनीतिक हितों को राष्ट्रीय हित से ऊपर रखने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं ने कांग्रेस के इस कथित दोहरे रवैये को समझ लिया है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस के मौजूदा रवैये की तुलना आपातकाल के समय की सोच से की। हालांकि, इस पूरे राजनीतिक विवाद के बीच मुख्य सवाल यही है कि छात्र मुद्दों पर संसद में चर्चा कब शुरू होगी और सरकार तथा विपक्ष अपनी-अपनी शर्तों से पीछे हटेंगे या नहीं। पिछले महीने प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था। उस समय नीट पेपर लीक विवाद को लेकर केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ा हुआ था।