Amar Ujala Ltd

09/11/2026 | Press release | Distributed by Public on 09/11/2026 09:16

विजय माल्या को राहत नहीं: ईडी ने हाईकोर्ट में कहा, कर्ज वसूली से आरोप खत्म नहीं होते; जानिए क्या है पूरा मामला

{"_id":"6aa41a1980640e482b02135e","slug":"vijay-mallya-gets-no-relief-ed-tells-high-court-debt-recovery-doesn-t-end-charges-2026-09-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"विजय माल्या को राहत नहीं: ईडी ने हाईकोर्ट में कहा, कर्ज वसूली से आरोप खत्म नहीं होते; जानिए क्या है पूरा मामला","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}

विजय माल्या को राहत नहीं: ईडी ने हाईकोर्ट में कहा, कर्ज वसूली से आरोप खत्म नहीं होते; जानिए क्या है पूरा मामला

Fri, 11 Sep 2026 08:41 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Fri, 11 Sep 2026 08:41 PM IST
सार

विजय माल्या के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने बॉम्बे हाई कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है। ईडी ने साफ किया है कि बैंकों की ओर से कर्ज वसूली के बावजूद माल्या पर लगे आपराधिक आरोप समाप्त नहीं होंगे। जानें पूरा मामला।

विज्ञापन
विजय माल्या पर ईडी ने हाईकोर्ट में दाखिल किया जवाब। - फोटो : amarujala.com
  • Link Copied

विस्तार

शराब कारोबारी विजय माल्या को भारत में कानूनी प्रक्रिया से बचने के बावजूद राहत नहीं मिलेगी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बॉम्बे हाईकोर्ट में यह बात कही है। ईडी ने कहा कहा है कि बैंकों की ओर से कर्ज वसूली से माल्या पर लगे मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप खत्म नहीं होंगे। यह जवाब माल्या की 2020 में दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान आया है।

विज्ञापन


माल्या ने अपनी याचिका में आपराधिक मामलों को बंद करने की मांग की थी। उनका तर्क था कि बैंकों के साथ उनका विवाद कर्ज वसूली के बाद सुलझ गया है। ईडी ने 8 सितंबर को अपना हलफनामा दाखिल किया। ईडी ने बताया कि एसबीआई के नेतृत्व वाले बैंक संघ को 14,131.6 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति सौंपी गई है। एजेंसी ने कहा कि इससे माल्या के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप रद्द नहीं होंगे। माल्या मार्च 2016 में भारत छोड़ गए थे। बार-बार समन के बावजूद वे जांच प्राधिकरण के सामने पेश नहीं हुए। उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी किया गया था। नवंबर 2016 में उन्हें भगोड़ा अपराधी घोषित किया गया। ईडी ने कहा कि माल्या अभी भी कानून की प्रक्रिया से बच रहे हैं और भारत नहीं लौटे हैं।
विज्ञापन

क्या कर्ज वसूली से माल्या को मिलेगी मुक्ति?

ईडी ने हाई कोर्ट को बताया कि माल्या ने भारत लौटने या सक्षम आपराधिक अदालत के अधिकार क्षेत्र में पेश होने से इन्कार किया है। हाई कोर्ट की पूछताछ के बावजूद माल्या ने अपने जवाबों में अस्पष्टता बनाए रखी। एजेंसी ने जोर देकर कहा कि धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत शुरू किया गया आपराधिक अभियोजन अप्रभावी नहीं होता। यह केवल इसलिए नहीं रुकता क्योंकि बैंकों ने बाद में संपत्ति से पर्याप्त राशि वसूल कर ली है। पीएमएलए के तहत संपत्ति की बहाली वैध दावेदारों के नुकसान की वसूली के लिए एक वैधानिक तंत्र है।

विज्ञापन
विज्ञापन

माल्या पर क्या हैं मुख्य आरोप?

माल्या पर मनी लॉन्ड्रिंग और कम से कम 3,500 करोड़ रुपये के गबन का आरोप है। यह राशि उनकी अब बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस को दिए गए 9,000 करोड़ रुपये के बैंक ऋण का हिस्सा थी। ईडी ने 2016 में माल्या की संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया था। इन संपत्तियों में यूनाइटेड ब्रुअरीज होल्डिंग्स लिमिटेड (यूबीएचएल) के शेयर भी शामिल थे। 2019 में एक विशेष अदालत ने एसबीआई और अन्य ऋणदाता बैंकों को माल्या की कुर्क की गई चल संपत्तियों का उपयोग ऋण वसूली के लिए करने की अनुमति दी थी।

माल्या क्यों नहीं लौट रहे भारत?

ईडी ने अपने हलफनामे में कहा कि माल्या लगातार कानून की प्रक्रिया से बच रहे हैं। वे भारत नहीं लौटे हैं और न ही उन्होंने खुद को सक्षम आपराधिक अदालत के अधिकार क्षेत्र में पेश किया है। बार-बार समन और गैर-जमानती वारंट के बावजूद उनकी अनुपस्थिति बनी हुई है। उन्हें नवंबर 2016 में भगोड़ा अपराधी घोषित किया गया था। हाईकोर्ट की ओर से पूछे जाने पर भी उन्होंने भारत लौटने को लेकर कोई साफ जवाब नहीं दिया।

Amar Ujala Ltd published this content on September 11, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on September 11, 2026 at 15:17 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]