केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन के कार्यालय ने शनिवार को मेटा और केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को पत्र लिखा। मामला मुख्यमंत्री के आधिकारिक फेसबुक पेज 'सीएमओ केरलम' से दो पोस्ट हटाए जाने का है। हटाई गई दोनों पोस्ट अलग-अलग मौकों से जुड़ी थीं। एक पोस्ट में आशा कार्यकर्ताओं के लिए ओणम त्योहार भत्ते की घोषणा की गई थी।
दूसरी पोस्ट में नबी दिवस के अवसर पर शुभकामनाएं दी गई थीं। 19 अगस्त को प्रकाशित इस पोस्ट में राज्य सरकार की ओर से आशा कार्यकर्ताओं को 1,450 रुपये का ओणम त्योहार भत्ता देने के फैसले की जानकारी दी गई थी।
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सवाल: मुख्यमंत्री कार्यालय ने मेटा से क्या मांग की है?
जवाब: मुख्यमंत्री कार्यालय ने मेटा से दोनों पोस्ट को दोबारा बहाल करने और उन्हें हटाने की वजह बताने को कहा है। कार्यालय ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी कानून के तहत इस तरह की कार्रवाई का कारण बताया जाना जरूरी है।
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मुख्यमंत्री के सचिव आईएएस रतन यू. खेलकर की ओर से भेजे गए पत्र में केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से भी मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की गई है। मंत्रालय से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि इस तरह की कार्रवाई दोबारा न हो।
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मुख्यमंत्री कार्यालय ने मेटा से उन परिस्थितियों के बारे में भी स्पष्ट जानकारी मांगी है, जिनके चलते आधिकारिक फेसबुक पेज से दोनों पोस्ट हटाई गईं।
सवाल: क्या इससे पहले भी सतीशन की फेसबुक पोस्ट हटने का मामला सामने आया था?
जवाब: सतीशन की वरिष्ठ इस्लामिक विद्वान कांथापुरम एपी अबूबकर मुसलियार की महिला को लेकर दिए गए बयान की आलोचना वाली एक पोस्ट भी उनके फेसबुक पेज से गायब हो गई थी। हालांकि, मुख्यमंत्री कार्यालय ने गुरुवार को इसे तकनीकी गड़बड़ी बताया था।
सवाल: मुसलियार के बयान पर की गई पोस्ट में क्या था?
जवाब: फेसबुक और इंस्टाग्राम दोनों पर साझा की गई पोस्ट में बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सतीशन की ओर से इस्लामी विद्वान की आलोचना का वीडियो अंश था। यह पोस्ट अब सतीशन के फेसबुक खाते पर उपलब्ध नहीं है, लेकिन इंस्टाग्राम पर मौजूद है।
सवाल: क्या इस पोस्ट को विरोध के बाद हटाए जाने की बात सामने आई थी?
जवाब: ऐसी खबरों को एक अधिकारी ने खारिज किया। अधिकारी ने कहा कि कांथापुरम से जुड़े सुन्नी मुस्लिम नेताओं ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी, लेकिन पोस्ट उनके विरोध के कारण नहीं हटाई गई। अधिकारी के अनुसार, इंस्टाग्राम और फेसबुक के बीच पोस्ट की लिंकिंग से जुड़ी तकनीकी समस्या के कारण यह फेसबुक से गायब हुई।
अधिकारी ने कहा, "कांथापुरम के बयान की आलोचना वाली पोस्ट अब भी इंस्टाग्राम पर उपलब्ध है। अगर मुख्यमंत्री कार्यालय उस पोस्ट को नहीं रखना चाहता, तो उसे सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा दिया जाता। इसके अलावा, पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो फेसबुक पर उपलब्ध है। इसलिए इसके उलट दी जा रही खबरें भ्रामक हैं।"
सवाल: इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि क्या है?
जवाब: फेसबुक पोस्ट हटाए जाने का यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब इससे पहले भी केरल सरकार पर मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की आलोचना करने वाली फेसबुक पोस्ट हटवाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल करने के आरोप लगे थे। उस समय मुख्यमंत्री ने इन आरोपों से इनकार किया था।
इस मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय ने अब मेटा और केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से पोस्ट हटाए जाने के कारणों पर स्पष्टता मांगी है।