Ministry of Heavy Industries of the Republic of India

07/31/2026 | Press release | Distributed by Public on 07/31/2026 04:48

मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के तहत डिजिटल एप्लिकेशन 'पोषण ट्रैकर' को सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी आधारित शासन उपकरण के रूप में लॉन्च किया गया है

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय

मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के तहत डिजिटल एप्लिकेशन 'पोषण ट्रैकर' को सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी आधारित शासन उपकरण के रूप में लॉन्च किया गया है


महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने पोषण संबंधी परिणामों में सुधार के लिए विभिन्न उपाय किए हैं

प्रविष्टि तिथि: 31 JUL 2026 2:06PM by PIB Delhi

मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के तहत, आंगनवाड़ी केंद्रों (एडब्ल्यूसी) में पंजीकृत लाभार्थियों को प्रदान की जा रही सभी सेवाओं की निगरानी और ट्रैकिंग के लिए सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी आधारित शासन उपकरण के रूप में 'पोषण ट्रैकर' डिजिटल एप्लिकेशन लॉन्च किया गया है। पोषण ट्रैकर को गुजरात सहित देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अपना लिया है। राज्यों के पास कार्यक्रम की डिजिटल निगरानी के लिए लॉगिन क्रेडेंशियल हैं। गुजरात सहित सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कार्यरत आंगनवाड़ी केंद्रों की संख्या, बच्चों और माताओं की संख्या पोषण ट्रैकर डैशबोर्ड https://www.poshantracker.in/statistics पर उपलब्ध है।

यह मिशन देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने पोषण संबंधी परिणामों में सुधार के लिए विभिन्न उपाय किए हैं:

  • राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 की अनुसूची-II में निहित पोषण मानदंडों के अनुसार, 6 महीने से 6 वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और किशोरियों को गर्म पका हुआ भोजन (एचसीएम - हॉट कुक्ड मील) और घर ले जाने वाला राशन (टीएचआर - टेक-होम राशन) के रूप में पूरक पोषण प्रदान किया जाता है। साथ ही, गंभीर रूप से कुपोषित (एसएएम) बच्चों को भी घर ले जाने वाले राशन (टीएचआर) के रूप में अतिरिक्त पोषण प्रदान किया जाता है।
  • मिशन पोषण 2.0 के तहत अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन और डेटा रिचार्ज की सुविधा प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाया गया है। इसके अलावा, पंजीकृत लाभार्थियों के नियमित विकास की निगरानी के लिए प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र (एडब्ल्यूसी) में शिशुमापी, स्टेडीमीटर, नवजात शिशु वजन मापने की मशीन और माता एवं शिशु वजन मापने की मशीन जैसे विकास निगरानी उपकरण (जीएमडी) उपलब्ध कराए गए हैं।
  • पोषण ट्रैकर के तहत प्रौद्योगिकी का उपयोग बच्चों में बौनापन, कुपोषण और कम वजन की व्यापकता की गतिशील पहचान के लिए भी किया जाता है।
  • आंगनवाड़ी कार्यकर्ता गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और छोटे बच्चों (0-3 वर्ष) को पोषण संबंधी परामर्श, देखभाल संबंधी मार्गदर्शन और प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास को बढ़ावा देने के माध्यम से सहायता प्रदान करने के लिए नियोजित गृह मुलाकात करती हैं।
  • जन आंदोलन प्रमुख गतिविधियों में से एक सामुदायिक लामबंदी और जागरूकता अभियान है जो क्रमशः सितंबर और मार्च-अप्रैल महीनों में पोषण माह और पोषण पखवाड़ा के रूप में मनाया है। इसका उद्देश्य लोगों को पोषण संबंधी पहलुओं के बारे में शिक्षित करना है, क्योंकि अच्छे पोषण की आदत अपनाने के लिए व्यवहारिक परिवर्तन हेतु निरंतर प्रयासों की आवश्यकता होती है।
  • महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने बच्चों में गंभीर तीव्र कुपोषण की रोकथाम और उपचार के लिए तथा इससे संबंधित रुग्णता और मृत्यु दर को कम करने के लिए संयुक्त रूप से बच्चों में कुपोषण प्रबंधन प्रोटोकॉल जारी किया है।
  • आहार में विविधता लाने और पौष्टिक स्थानीय उत्पादों के सेवन को प्रोत्साहित करने के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों में पोषण वाटिकाएं विकसित की गई हैं। पोषण वाटिकाएं या पोषक उद्यान मिशन पोषण 2.0 के तहत देशभर के आंगनवाड़ी केंद्रों में स्थापित किए जा रहे हैं ताकि स्थानीय और मौसमी फलों और सब्जियों के सेवन को बढ़ावा दिया जा सके, जिससे आहार में विविधता आए और सूक्ष्म पोषक तत्वों का सेवन बढ़े।
  • मिशन की प्रगति की मासिक समीक्षा करने के लिए, जिला मजिस्ट्रेट/कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला पोषण समितियों का गठन किया गया है, जिनमें प्रमाणित पोषण विशेषज्ञ सदस्य के रूप में शामिल हैं।
  • योजना की प्रगति की समीक्षा के लिए राज्य स्तरीय संचालन समिति का भी गठन किया गया है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली यह समिति अंतर-विभागीय समन्वय, रणनीतिक निगरानी और प्रमुख संकेतकों की आवधिक समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य करती है। समिति का उद्देश्य प्रशासन को सुदृढ़ करना, कार्यान्वयन और गुणवत्ता की निगरानी करना और राज्य में पोषण संबंधी परिणामों में सुधार के लिए समय पर कार्रवाई को सुगम बनाना है।

यह जानकारी महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में दी।

पीके/केसी/एके/एसके


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