Amar Ujala Ltd

09/25/2026 | Press release | Distributed by Public on 09/24/2026 19:45

दुश्मनी छोड़ नई पीढ़ी पर दांव?: शी ने एक लाख अमेरिकी युवाओं को चीन बुलाया, जानें क्या है ड्रैगन का नया प्लान

{"_id":"6ab59721e5b9d426f30232c8","slug":"xi-jinping-invited-100000-american-youths-to-visit-china-over-next-five-years-find-out-what-dragon-plan-2026-09-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुश्मनी छोड़ नई पीढ़ी पर दांव?: शी ने एक लाख अमेरिकी युवाओं को चीन बुलाया, जानें क्या है ड्रैगन का नया प्लान","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}

दुश्मनी छोड़ नई पीढ़ी पर दांव?: शी ने एक लाख अमेरिकी युवाओं को चीन बुलाया, जानें क्या है ड्रैगन का नया प्लान

Fri, 25 Sep 2026 03:03 AM IST
प्रशांत तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: प्रशांत तिवारी Updated Fri, 25 Sep 2026 03:03 AM IST
सार

शी जिनपिंग ने अगले पांच साल में एक लाख युवा अमेरिकियों को चीन आने का न्योता दिया है। ये युवा चीन में पढ़ाई करने के साथ-साथ अलग-अलग तरह के आदान-प्रदान कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे।

विज्ञापन
शी जिनपिंग - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
  • 1
    • Link Copied

विस्तार

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने गुरुवार को व्हाइट हाउस से अगले पांच साल में एक लाख युवा अमेरिकियों को पढ़ाई और आदान-प्रदान के लिए चीन आने का न्योता दिया है। इससे पहले 2023 में 50 हजार युवाओं को बुलाने का लक्ष्य रखा गया था, जो समय से पहले पूरा हो गया। वहीं, ट्रंप और शी ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान चीन-अमेरिका सहयोग और दोनों देशों की पुरानी दोस्ती को भी याद किया।

विज्ञापन


2023 में भी किया गया था ऐसा एलान
शी ने बताया कि 2023 में चीन ने पांच साल के अंदर 50 हजार युवा अमेरिकियों को चीन बुलाने का लक्ष्य रखा था। यह लक्ष्य तय समय से पहले ही इस साल पूरा हो गया। इसके बाद अब चीन ने अगले पांच साल के लिए यह संख्या बढ़ाकर एक लाख कर दी है। शी जिनपिंग ने कहा कि चीन-अमेरिका रिश्तों की उम्मीद दोनों देशों के लोगों से जुड़ी है और इन रिश्तों का भविष्य युवाओं के हाथ में है। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि वह एक लाख युवा अमेरिकियों को चीन आने का न्योता दे रहे हैं।
विज्ञापन


शी ने द्वितीय विश्व युद्ध की दोस्ती भी याद दिलाई
अपने भाषण में शी ने द्वितीय विश्व युद्ध का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय चीन और अमेरिका ने फासीवादी ताकतों के खिलाफ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ाई लड़ी थी। शी ने कहा कि चीन के लोग उस इतिहास को कभी नहीं भूले हैं और अमेरिकी लोगों ने भी उस दौर को याद रखा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


चीन और अमेरिका की तरक्की साथ हो सकती है: शी
शी ने कहा कि चीन के महान पुनरुत्थान का लक्ष्य और अमेरिका को फिर से महान बनाने की कोशिश साथ-साथ आगे बढ़ सकती है। उन्होंने दोनों देशों से अपने लोगों की उम्मीदों को पूरा करने और दोस्ती को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि चीन और अमेरिका को मिलकर दोनों देशों के लोगों के बीच दोस्ती बढ़ानी चाहिए और एक बेहतर दुनिया बनाने की दिशा में काम करना चाहिए।

ट्रंप ने भी पुराने रिश्तों का किया जिक्र
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी अपने भाषण में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान चीन और अमेरिका के सहयोग को याद किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा, तकनीक और सुपरइंटेलिजेंस जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के फैसले आने वाले कई दशकों तक शांति और समृद्धि को प्रभावित कर सकते हैं। ट्रंप ने कहा कि दोनों देश अपने साझा हितों पर ध्यान दे रहे हैं और उन्हें भरोसा है कि दोनों मिलकर काफी कुछ हासिल कर सकते हैं।

'फ्लाइंग टाइगर्स' की ट्रंप ने की तारीफ
ट्रंप ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान चीन की मदद करने वाले अमेरिकी पायलटों का भी जिक्र किया। उन्होंने 'फ्लाइंग टाइगर्स' समूह की तारीफ करते हुए कहा कि इन बहादुर अमेरिकी पायलटों ने चीन की मदद के लिए स्वेच्छा से वहां जाकर लड़ाई लड़ी थी। ट्रंप ने इन पायलटों को "अविश्वसनीय" बताया और कहा कि उन्होंने चीन के अस्तित्व की लड़ाई में अहम भूमिका निभाई।

'गंग हो' शब्द की कहानी भी बताई
ट्रंप ने चीन और अमेरिका के पुराने संबंधों से जुड़ी एक दिलचस्प बात भी बताई। उन्होंने कहा कि अमेरिकी मरीन और चीनी लोगों के संपर्क से 'गंग हो' शब्द अमेरिकी मरीन के बीच लोकप्रिय हुआ। ट्रंप के मुताबिक, अमेरिकी मरीन आज भी 'गंग हो' शब्द का इस्तेमाल बड़े उत्साह के लिए करते हैं। चीनी भाषा में इसका शाब्दिक मतलब 'मिलकर काम करना' बताया जाता है।

ये भी पढ़ें: 'न्यूयॉर्क के यहूदी सुरक्षित नहीं': यूएन पहुंचे नेतन्याहू ने ममदानी पर बोला हमला, कहा- मुझे चुप नहीं करा सकते

युवाओं के जरिए दोस्ती बढ़ाने की कोशिश
शी का एक लाख युवा अमेरिकियों को चीन बुलाने का ऐलान दोनों देशों के युवाओं के बीच संपर्क बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। पढ़ाई और आदान-प्रदान कार्यक्रमों के जरिए चीन और अमेरिका के लोगों को एक-दूसरे को बेहतर तरीके से समझने का मौका मिलेगा।
Amar Ujala Ltd published this content on September 25, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on September 25, 2026 at 01:45 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]