Amar Ujala Ltd

08/27/2026 | Press release | Distributed by Public on 08/27/2026 10:26

सुभाष चंद्रा दिवालियापन मामला: 22,006 करोड़ का कर्ज, सिर्फ 6.25 करोड़ की वसूली; सरकार ने समझाया पूरा गणित

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सुभाष चंद्रा दिवालियापन मामला: 22,006 करोड़ का कर्ज, सिर्फ 6.25 करोड़ की वसूली; सरकार ने समझाया पूरा गणित

Thu, 27 Aug 2026 09:52 PM IST
राहुल कुमार एएनआई, नई दिल्ली।
एएनआई, नई दिल्ली। Published by: राहुल कुमार Updated Thu, 27 Aug 2026 09:52 PM IST
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पूर्व राज्यसभा सदस्य डॉ. सुभाष चंद्रा - फोटो : आईएएनएस
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सरकारी सूत्रों ने उन खबरों को खारिज किया है, जिनमें दावा किया गया था कि बैंकों ने एस्सेल ग्रुप के संस्थापक सुभाष चंद्र से जुड़े व्यक्तिगत दिवालियापन मामले में 22,000 करोड़ रुपये से अधिक के कर्ज पर 99.97 प्रतिशत का कर्ज छूट (हेयरकट) लिया है। सूत्रों ने कहा कि 22,006 करोड़ रुपये का आंकड़ा सुभाष चंद्र की ओर से व्यक्तिगत रूप से लिए गए कर्ज का नहीं है। यह एस्सेल/जी से जुड़ी कई कंपनियों की ओर से लिए गए कर्ज के लिए उनके खिलाफ व्यक्तिगत गारंटर के तौर पर स्वीकार किए गए दावों की रकम है। इस मामले में दिवालियापन की कार्यवाही चंद्र के खिलाफ गारंटर के तौर पर हो रही है, न कि उन कंपनियों के खिलाफ जिन्होंने वास्तव में कर्ज लिया था।

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6.25 करोड़ रुपये की वसूली से जुड़ा है विवाद
विवाद तब शुरू हुआ जब 22,000 करोड़ रुपये से अधिक के दावों की तुलना चंद्र की व्यक्तिगत संपत्ति से वसूल किए जाने वाले करीब 6.25 करोड़ रुपये से की गई। इसे लगभग 99.97 प्रतिशत का हेयरकट बताया गया। सरकारी सूत्रों ने कहा कि यह तुलना पूरी तस्वीर नहीं दिखाती। सरकारी नोट में कहा गया, बताई गई 99.97% की कटौती, बैंकों के 22,000 करोड़ रुपये के लोन पर 99.97% का नुकसान नहीं है। यह कमी उस रकम से जुड़ी है, जो व्यक्तिगत गारंटर के तौर पर चंद्र से वसूल की जा सकती है।
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मुख्य कर्जदार कंपनियां भी भुगतान करेंगी
जिन कंपनियों ने वास्तव में कर्ज लिया था, वे अपनी बकाया रकम के लिए जिम्मेदार बनी हुई हैं। सूत्रों के अनुसार, रीपेमेंट प्लान में मुख्य कर्जदार कंपनियों की ओर से करीब 1,494 करोड़ रुपये के भुगतान का प्रस्ताव है। इसके अलावा चंद्र की व्यक्तिगत ओर से 6.25 करोड़ रुपये का भुगतान शामिल है। लेनदार इन कंपनियों की सिक्योरिटी और अन्य उपलब्ध संपत्तियों से भी वसूली जारी रख सकते हैं।
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80.81 प्रतिशत लेनदारों ने दी मंजूरी
रीपेमेंट प्लान को लेनदारों का 80.81 प्रतिशत समर्थन मिला था। हालांकि, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, केनरा बैंक, आरबीएल बैंक और यूनियन बैंक समेत कई लेनदारों ने इसका विरोध किया।

लेनदारों की मुख्य चिंताओं में चंद्र की बताई गई नेट वर्थ में भारी गिरावट भी शामिल थी। उन्होंने नेट-वर्थ सर्टिफिकेट का हवाला दिया, जिनमें 2017 में 45,888 करोड़ रुपये और 2018 में 40,562 करोड़ रुपये की नेट वर्थ दिखाई गई थी। वहीं, मौजूदा नेट वर्थ करीब 31.79 करोड़ रुपये बताई गई है।लेनदारों ने चंद्र की संपत्तियों की और जांच की मांग भी की थी। सरकारी सूत्रों ने कहा कि यह मामला पर्सनल गारंटर के समाधान से जुड़ा एक विशेष मामला है। इसे इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड के तहत रिकवरी के उदाहरण के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
Amar Ujala Ltd published this content on August 27, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on August 27, 2026 at 16:27 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]