Prime Minister’s Office of India

01/28/2026 | Press release | Distributed by Public on 01/28/2026 07:21

नई दिल्ली के कारियाप्पा मैदान में एनसीसी की रैली के दौरान प्रधानमंत्री के संबोधन का मूल पाठ

प्रधानमंत्री कार्यालय

नई दिल्ली के कारियाप्पा मैदान में एनसीसी की रैली के दौरान प्रधानमंत्री के संबोधन का मूल पाठ

प्रविष्टि तिथि: 28 JAN 2026 6:37PM by PIB Delhi

केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे साथी, देश के रक्षा मंत्री श्रीमान राजनाथ सिंह जी, मंच पर उपस्थित अन्य सभी महानुभाव, देशभर से आए NCC, NSS के कैडेट्स, टैब्यू आर्टिस्ट, राष्ट्रीय रंगशाला के साथी और मेरे प्यारे युवा साथियों। आप सभी की मेहनत यहां नजर आई है। आपने बहुत तालमेल के साथ अपना प्रदर्शन किया है।

लेकिन साथियों,

आज का दिन हमारे लिए एक बड़ा दुख लेकर भी आया है। आज सुबह ही, महाराष्ट्र में दुखद विमान दुर्घटना हुई है। इस दुर्घटना ने महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री अजित पवार जी और कुछ साथियों को हमसे छीन लिया है। अजित दादा ने महाराष्ट्र और देश के विकास में अपना बड़ा योगदान दिया है। विशेष रूप से गांवों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए उन्होंने हमेशा आगे बढ़कर काम किया। मैं अजित पवार जी के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। जिन साथियों को हमने इस हादसे में खोया है, इस पीड़ा की घड़ी में हम सभी उनके परिजनों के साथ हैं।

साथियों,

दुख और संवेदना के इन पलों के बीच मैं यहां मौजूद आप सभी कैडेट्स का, विभिन्न मित्र देशों से आए कैडेट्स और ऑफिसर्स का अभिनंदन भी करूंगा। इस बार भी यहां बहुत बड़ी संख्या में गर्ल कैडेट्स आई हैं। मैं उनका विशेष रूप से अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

NCC, एक ऐसा संगठन, एक ऐसा आंदोलन है, जो भारत की युवाशक्ति को आत्मविश्वासी बनाता है, अनुशासित बनाता है, संवेदनशील बनाता है और राष्ट्र के लिए समर्पित नागरिक बनाता है। आप सभी हर साल अपनी भूमिका को और सशक्त कर रहे हैं। बीते वर्षों में NCC कैडेट्स की संख्या 14 लाख से बढ़कर 20 लाख हो चुकी है। खासकर हमारे बॉर्डर एरियाज में, कोस्टल एरियाज में, NCC कैडेट्स की संख्या में काफी वृद्धि हुई है।

मेरे युवा साथियों,

NCC, युवाओं का मंच है और इस मंच पर अपनी विरासत को भी गौरव के साथ जीया जाता है। जैसे इस वर्ष वंदे मातरम् के 150 वर्ष होने का उत्सव NCC ने पूरे जोश से मनाया है। आपने देश के कोने-कोने में इससे जुड़े कार्यक्रम किए हैं। परमवीर सागर यात्रा भी इसी का उत्तम उदाहरण है। आप सभी जानते हैं, कुछ साल पहले सरकार ने अंडमान-निकोबार के 21 द्वीपों को अपने परमवीर चक्र विजेताओं के नाम दिए थे। इसके पीछे राष्ट्र-नायकों को सम्मान देने का जो भाव था, उसको आपने अपनी Sailing Expedition से आगे बढ़ाया है। इसी तरह, लक्षद्वीप में द्वीप-उत्सव के माध्यम से आपने सागर, संस्कृति, प्रकृति सबको एक साथ सेलिब्रेट किया है।

साथियों,

NCC ने इतिहास को स्मारकों से निकालकर जन-जन के ह्दय में जीवंत बनाया है। आपने बाजीराव पेशवा जी की वीरता, महायोद्धा लसित बोरफुकन जी की कुशलता और भगवान बिरसा मुंडा के नेतृत्व को अपनी साइकिल रैली के माध्यम से जनचेतना जगाने का काम किया है। आपके इस साहसपूर्ण सभी काम के लिए आप सबकी बहुत-बहुत सराहना करता हूं। आज जिन साथियों को सम्मान मिला है, मैं उनको भी शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,

मैंने लाल किले से कहा था- यही समय है, सही समय है। हमारे देश के युवाओं के लिए आज का ये समय, सबसे ज्यादा अवसरों का समय है। सरकार का प्रयास है कि इस कालखंड का अधिक से अधिक लाभ हमारे युवाओं को मिले। इसका एक उदाहरण आपने कल ही देखा है। भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच ऐतिहासिक Free Trade Agreement पर सहमति हुई है। इससे पहले ओमान, न्यूजीलैंड, ब्रिटेन, UAE, Australia और मॉरीशस जैसे देशों के साथ भी भारत ने Free Trade Agreements किए हैं। ये सारे अग्रीमेंट्स हमारे लाखों-करोड़ों नौजवानों के लिए अनगिनत अवसर बनाने वाले हैं।

साथियों,

आज पूरी दुनिया युवा भारत के युवाओं की तरफ बहुत भरोसे से देख रही है। और दुनिया के इस भरोसे का कारण है, स्किल और संस्कार! भारत के युवाओं के पास लोकतंत्र के संस्कार हैं, हमारे युवाओं के पास हर प्रकार की विविधता को सम्मान देने के संस्कार हैं, भारत के युवाओं के पास पूरी दुनिया को एक परिवार मानने के संस्कार हैं। और इसलिए, भारत के युवा कहीं भी जाते हैं, तो उस देश के लोगों के साथ आसानी से घुल-मिल जाते हैं, उनके दिलों को जीत लेते हैं। हम अपने सामर्थ्य से उस देश के विकास में मदद करते हैं। यही हमारे संस्कार हैं, यही हमारा स्वभाव है। मातृभूमि के प्रति अपार श्रद्धा और कर्मभूमि के प्रति अप्रतिम समर्पण, ये हमारी विरासत है।

साथियों,

मैं दुनियाभर के लीडर्स से जब बात करता हूं, और उस बातचीत के आधार पर मैं कहता हूं और पूरे दावे के साथ कह सकता हूं, भारत के युवा जितने परिश्रमी होते हैं, उतने ही उत्तम प्रोफेशनल भी होते हैं। और इसलिए, भारत के युवाओं की बहुत डिमांड रहती है। जैसे गल्फ देशों में देखिए, लाखों लोग इतने सालों से वहां काम कर रहे हैं। हमारे जो डॉक्टर्स हैं, इंजीनियर्स हैं, वे कितने ही देशों में शानदार हेल्थकेयर सिस्टम, शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर, ये सब कर रहे हैं। पहले हमारे यहां जो टीचर्स हुआ करते थे, उन्होंने कई देशों के समाज में नई वैल्यू ऐड की है।

साथियों,

दुनिया में उनके इस कंट्रीब्यूशन के साथ, हमारे देश में युवाओं के जो अचीवमेंट्स हैं, उन्हें भी पूरी दुनिया सराह रही है। इन युवाओं के कारण ही भारत दुनिया में इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी की बैकबोन बन गया है। और अब इन्हीं नौजवानो की शक्ति से स्टार्टअप में, स्पेस में, डिजिटल टेक्नोलॉजी में, हर डोमेन में एक नया रिवोल्यूशन शुरू हुआ है।

साथियों,

अब यूरोपियन यूनियन के साथ जिस एग्रीमेंट पर सहमति बनी है, दुनिया इसकी, "मदर ऑफ ऑल डील्स" के रूप में प्रशंसा कर रही है, इसको दुनिया के लिए एक गेमचैंज़र डील बताया जा रहा है। ये FTA आपके लिए Freedom To Aspire है। ये एग्रीमेंट, दुनिया की एक चौथाई GDP और एक तिहाई ग्लोबल ट्रेड को रिप्रेज़ेंट करता है।

साथियों,

यूरोपियन यूनियन, यानि दुनिया के सत्ताईस देशों के साथ भारत का ये एग्रीमेंट हुआ है। इसका फायदा भारत के स्टार्ट अप्स को होगा। भारतीय स्टार्टअप्स की फंडिंग और इनोवेशन इकोसिस्टम तक पहुंच और आसान होगी। इस समझौते से हमारी क्रिएटिव इकोनॉमी को फिल्म, गेमिंग, फैशन, डिजिटल कंटेंट, म्यूज़िक और डिजाइन को भी बहुत फायदा होगा। और साथ ही भारत के नौजवानों के लिए रिसर्च और एजुकेशन से लेकर, IT और अन्य प्रोफेशनल services में भी अनगिनत नए अवसर बनेंगे।

साथियों,

इस एग्रीमेंट को "मदर ऑफ ऑल डील्स" इसलिए भी कहा जा रहा है, क्योंकि ये बहुत व्यापक है, बहुत गहरा है, नई-नई ऊंचाइयों को छूने वाला है, और फायदों की लिस्ट तो बहुत बड़ी है। इससे आत्मनिर्भर भारत अभियान को गति मिलेगी। इससे मेक इन इंडिया, मेक फ़ॉर द वर्ल्ड के संकल्प को बल मिलेगा। क्योंकि इस समझौते के तहत, भारत के निन्यानवे परसेंट, 99 परसेंट से अधिक निर्यात पर टैरिफ या तो ज़ीरो होगा या फिर बहुत कम हो जाएगा। और इससे टेक्सटाइल, लेदर, जेम्स एंड जूलरी, फुटवीयर और इंजीनियरिंग गुड्स, ऐसे हर भारतीय उद्योग को, MSMEs को बहुत फायदा होगा। हमारे बुनकरों, हस्तशिल्पियों और छोटे उद्यमियों को सीधे 27 यूरोपीय देशों के विशाल बाजार तक पहुंच भी मिलेगी।

साथियों,

इस डील का एक और मजबूत पक्ष है। इससे भारत में ज्यादा निवेश आएगा। देश में नए इंजीनियरिंग, electronics, chemical, फार्मा और अन्य मैन्युफैक्चरिंग प्लांट शुरू होंगे। इससे कृषि, Food processing और fisheries में भी नए निवेश के लिए एक assured मार्केट तैयार होगा। ये किसानों, मछुआरों और ग्रामीण युवाओं के लिए बहुत बड़ा अवसर है।

मेरे युवा साथियों,

ये FTA, भारत के युवाओं को सीधे यूरोप के जॉब मार्केट से जोड़ता है। विशेष रूप से इंजीनियरिंग, ग्रीन टेक, डिजाइन, लॉजिस्टिक्स और advanced manufacturing में अनेक अवसर बनेंगे। इसका मतलब है कि भारत के युवाओं के लिए, आपके लिए 27 देशों में नए-नए अवसर खुल रहे हैं।

साथियों,

इन सभी वैश्विक अवसरों को सरकार व्यापक रिफॉर्म्स से और व्यापक बना रही है। आज देश जिस रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार है, वो युवाशक्ति के सामने हर रुकावट को दूर कर रहा है। और देश के सामने बढ़ते ये अवसर, NCC से जुड़े आप सभी युवाओं में ये संस्कार, ये अनुशासन, आपके लिए तो ये जैसे सोने पर सुहागा है।

साथियों,

आपने यहां ऑपरेशन सिंदूर पर शानदार झांकी निकाली है। ऑपरेशन सिंदूर के समय आपके प्रयासों की मैं खास तौर पर सराहना करूंगा। राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी उस महत्वपूर्ण घड़ी में हमारे NCC कैडेट्स ने अपनी जिम्मेदारियां बखूबी संभालीं हैं। किसी ने हमारी सेनाओं की तैयारियों में सहयोग दिया, किसी ने blood donation camps लगाए, किसी ने first-aid camps के माध्यम से सेवा की, आपने यह दिखा दिया कि NCC में परेड ग्राउंड की ट्रेनिंग के साथ ही नेशन फर्स्ट के विचार प्रवाह की भी ट्रेनिंग होती है। NCC से मिली यही देशभक्ति है, यही वो लीडरशिप है, जो मुश्किल समय में देश के प्रति पूरी शक्ति से काम करने की प्रेरणा देती है। और यही तो NCC हमें सिखाती हैं, हम वहीं से सीखते हैं। जब मैं NCC में था, तब मेरा भी नेशन फर्स्ट का भाव ऐसे ही मजबूत हुआ था, और आज मैं आपको भी NCC में यही सीखते देख रहा हूं, गर्व अनुभव कर रहा हूं।

साथियों,

ऑपरेशन सिंदूर ने भारत के सामर्थ्य को, हमारी सेना के शौर्य को एक बार फिर से स्थापित किया है। ऑपरेशन सिंदूर ने ये भी दिखाया कि हमारे स्वदेशी हथियार कितने एडवांस और हाइटेक हैं।

साथियों,

आजकल के आधुनिक युद्ध में युवा कौशल की भूमिका बहुत बढ़ गई है। अब युद्ध सिर्फ, सीमा पर टैंक, बंदूक और गोलों तक सीमित नहीं रहा है। आज लड़ाई कई मोर्चों पर लड़ी जाती है। आज की लड़ाई code में भी होती है, cloud में भी होती है। जो देश टेक्नोलॉजी में पीछे हैं, वह economy में ही नहीं, security में भी कमजोर होते हैं।

इसलिए साथियों,

एक युवा के तौर पर हम अपने देश के लिए कौन सा नया इनोवेशन करते हैं, ये ज़ज्बा भी देशभक्ति को मजबूत करता है, देश की सुरक्षा में बड़ा योगदान देता है। आप सभी जानते हैं, आज टेक से भी इनोवेटिव नौजवानों के लिए सेनाओं में नए अवसर बन रहे हैं। आज हमारे युवाओं के डिफेंस स्टार्ट अप्स कमाल कर रहे हैं। आज मेड इन इंडिया ड्रोन्स पर काम हो रहा है, AI और Defence Innovation अब हमारी फोर्सेस को आधुनिक बना रही हैं। यानि आप युवा साथियों के लिए संभावनाओं का बहुत विस्तार हो रहा है। और मैं आज चाहता हूं, सिर्फ यहां बैठे हुए नहीं, देश के कोटि-कोटि युवा इसका लाभ उठाएं।

साथियों,

देश ने अभी तीन दिन पहले ही 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया है। इस दिन मैंने देशवासियों को पत्र भी लिखा। राष्ट्रीय मतदाता दिवस, उस दायित्व भाव का, उस अधिकार का उत्सव है, जो हमारे संविधान ने हर नागरिक को सौंपा है। आज भारत दुनिया के उन देशों में है, जहां युवा वोटर्स की संख्या सबसे ज्यादा है। जब ये युवा मतदाता बनने योग्य बनते हैं, 18 साल की आयु को प्राप्त करते हैं, तो उन्हें राष्ट्र का भाग्य बनाने की ताकत मिल जाती है। इसलिए अब हमें देश में एक नई परंपरा शुरू करने की जरूरत है। मैं चाहता हूं कि NCC-NSS और मेरा युवा भारत संगठन में, mybharat संगठन में, 25 जनवरी को हर बार एक बड़ा आयोजन किया जाए। इस दिन फर्स्ट टाइम वोटर्स के सम्मान का भव्य कार्यक्रम हो। मुझे पूरा विश्वास है, ये प्रयास हमारी युवा पीढ़ी में दायित्व बोध की भावना को और मजबूत करेगा, हमारे लोकतंत्र को मजबूत करेगा।

साथियों,

विकसित भारत का अर्थ सिर्फ आर्थिक समृद्धि तक सीमित नहीं है। एक नागरिक के रूप में हमारा आचरण कैसा हो, ये भी विकसित भारत का महत्वपूर्ण पहलू है। एक नागरिक के रूप में हमें अपने कर्तव्य को सबसे ज्यादा प्राथमिकता देनी है। जैसे आप देखिए, स्वच्छ भारत अभियान शुरु करने में भले सरकार का योगदान हो, लेकिन उसको आगे अगर किसी ने बढ़ाया है, तो मैं गर्व से कह सकता हूं कि इसको आगे बढ़ाने का काम हमारे देश के नागरिकों ने किया है, युवाओं ने किया है, छोटे-छोटे बालकों ने किया है। घर के भीतर भी और घर से बाहर भी स्वच्छता एक आदत है, जीवन शैली है, एक संस्कार है। नागरिक कर्तव्य के इस भाव को हमें अपने जीवन का हिस्सा बनाना है। जो सुंदरता हम अपने आंगन में देखना चाहते हैं, अपने शहर को भी हमें उसी भाव से सुंदर बनाना भी है, सुंदर रखना भी है। मैं यहां उपस्थित हर युवा साथी से कहूंगा कि वो सप्ताह में किसी दिन, एक घंटे स्वच्छता से जुड़ा कोई ना कोई अभियान जरूर चलाएं। NCC-NSS इसे बहुत बढ़िया तरीके से कर सकते हैं। अपने किसी स्थान पर, कोई ना कोई एक्टिविटी जरूर प्लान करें।

साथियों,

मुझे ये जानकर अच्छा लगा कि NCC ने 'एक पेड़ मां के नाम' के अभियान के तहत करीब 8 लाख पेड़ लगाए हैं। जो पेड़ हमने लगाए हैं, वे अच्छे से बड़े भी हों, ये देखना भी हमारा कर्तव्य है।

साथियों,

हमारी युवाशक्ति का बहुत बड़ा टेस्ट ये है कि हम आने वाले समय में कितने अधिक फिट होंगे। फिटनेस केवल कुछ मिनट्स के व्यायाम तक सीमित नहीं है। ये भी हमारे स्वभाव में आनी चाहिए। हमारे खान-पान से लेकर हमारी दिनचर्या तक एक अनुशासित जीवनशैली भी आवश्यक है। मेरे लिए ये जानना सुखद रहा कि आप फिट इंडिया कैंपेन को आगे बढ़ा रहे हैं। NCC के कैडेट्स ने, स्पोर्ट्स में भी अच्छा प्रदर्शन किया है।

साथियों,

आज मैं आप युवाओं के बीच ओबेसिटी, मोटापे का विषय फिर से उठा रहा हूं। स्टडी कहती है कि आने वाले समय में, भारत में हर तीसरा व्यक्ति मोटापे का, ओबेसिटी से परेशान हो सकता है। मोटापे की इस समस्या से देश में डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और ऐसी कई बीमारियों के खतरे भी बन रहे हैं। इसका सबसे बड़ा प्रभावित वर्ग, हमारा युवा हो सकता है। इसलिए आवश्यक है, हम अभी से सतर्क रहें, हम अपने Oil Intake को कम करने का प्रयास करें। मैंने कुछ समय पहले खाने में तेल की मात्रा 10 प्रतिशत कम करने का आग्रह किया था। आज आप सभी युवाओं से मैं फिर वो आग्रह दोहराउंगा।

साथियों,

NCC आपको सिर्फ कदमताल नहीं सिखाती, ये संगठन आपको एक नागरिक के तौर पर जिम्मेदारी के साथ जीना सिखाता है। यहां आप वो स्किल्स, वो वैल्यूज़ सीखते हैं, जो आपको एक बेहतर नागरिक बनाने में मदद करती है। आपको गणतंत्र दिवस समारोह में जो अनुभव मिलते हैं, वो आपके व्यक्तित्व को और निखारते हैं। आप जीवन की हर परीक्षा में सफल हों, विकसित भारत के निर्माण में आपका योगदान निरंतर निखरे। आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

भारत माता की जय !

भारत माता की जय !

और देश जब आज वंदे मातरम 150 में लीन हो चुका है, तब आइए-

वंदे मातरम् ! वंदे मातरम् !

वंदे मातरम् ! वंदे मातरम् !

वंदे मातरम् ! वंदे मातरम् !

वंदे मातरम् ! वंदे मातरम् !

वंदे मातरम् ! वंदे मातरम् !

वंदे मातरम् ! वंदे मातरम् !

बहुत-बहुत धन्यवाद।

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MJPS/SS/AK/RK


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