07/24/2026 | Press release | Distributed by Public on 07/24/2026 07:05
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा एआई से संबंधित विभिन्न परियोजनाएं आरंभ की हैं। इनका उपयोग किसान परामर्श, कीट नियंत्रण, फसल पहचान, बीमा, योजना लाभों का वितरण और प्रशासन विश्लेषण के लिए किया जा रहा है। डिजिटल कृषि मिशन के तहत, सरकार राज्यों को आधुनिक डिजिटल प्रौद्योगिकी से संबंधित परियोजनाओं, जैसे कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग, ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, रोबोटिक्स आदि में भी सहायता प्रदान करती है। सरकार की कुछ प्रमुख एआई पहलें निम्नलिखित हैं:
आज तक, इस प्लेटफॉर्म द्वारा 3 लाख से अधिक किसानों को सेवा प्रदान की गई है और 72 लाख से अधिक किसानों के प्रश्नों का समाधान किया है। यह केंद्र सरकार की 18 योजनाओं, फसल और पशुधन संबंधी सलाह, मौसम पूर्वानुमान, मंडी मूल्य, कीट और रोग की पहचान, मृदा स्वास्थ्य संबंधी सुझाव और शिकायत निवारण जैसी जानकारी प्रदान करता है।
यह प्लेटफॉर्म वेब पोर्टल, मोबाइल एप्लिकेशन, एआई चैटबॉट और समर्पित टेलीफोन लाइन के माध्यम से उपलब्ध है। वर्तमान में, भारत विस्तार टेलीफोन सेवा दो भाषाओं, अर्थात् हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्ध है; तथापि, चैटबॉट, वेब पोर्टल और मोबाइल एप्लिकेशन 10 भाषाओं में उपलब्ध हैं।
सरकार द्वारा एआई-आधारित प्रौद्योगिकियों के प्रभाव का व्यापक मूल्यांकन करने के लिए कोई विशिष्ट आकलन नहीं किया गया है। पिछले पांच वर्षों के दौरान एआई-आधारित कृषि पहलों सहित डिजिटल कृषि पहलों के लिए आवंटित और उपयोग की गई राशि निम्नानुसार है:
(रुपये करोड़ में)
|
वर्ष |
2022-23 |
2023-24 |
2024-25 |
2025-26 |
2026-27 |
|
आवंटित राशि |
60 |
450 |
763.88 |
758.56 |
502.40 |
|
उपयोग की गई राशि |
20.84 |
119.44 |
356 |
596.10 |
364.62 |
इसके अतिरिक्त, सरकार राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को परियोजनाओं के कार्यान्वयन और क्षमता निर्माण के लिए तकनीकी सहायता और मानव संसाधन के लिए वित्तीय सहायता भी प्रदान करती है, ताकि छोटे और सीमांत किसानों सहित किसानों की एआई-सक्षम प्रौद्योगिकियों और डिजिटल सेवाओं तक पहुंच को बढ़ाया जा सके।
यह जानकारी कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री रामनाथ ठाकुरने राज्यसभा में लिखित जवाब में दी।
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आरसी/ एमएस