07/01/2026 | Press release | Distributed by Public on 07/01/2026 02:26
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया:
"विज्ञानसारथिर्यस्तु मनःप्रग्रहवन्नरः।
सोऽध्वनः परमाप्नोति तद्विश्नोः परमं पदम्॥"
सुभाषितम् का अर्थ है कि जिस व्यक्ति की विवेकशील बुद्धि एक सतर्क, वैज्ञानिक सारथी के रूप में कार्य करती है और जिसका मन अनुशासित एवं नियंत्रित होता है, वह जीवन के पथ की जटिलताओं से परे जाकर अंतिम लक्ष्य तक पहुंचता है।
श्री मोदी ने कहा कि डिजिटल इंडिया के 11 वर्षों की सफलता ने भारत को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दी है। यह नवाचार और प्रौद्योगिकी को अपनाकर देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के देशवासियों के संकल्प को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री ने एक्स पोस्ट में कहाः
डिजिटल इंडिया के 11 वर्षों की सफलता से भारतवर्ष को एक नई पहचान मिली है। इससे नवाचार और प्रौद्योगिकी को अपनाकर देश को नई ऊंचाई पर ले जाने की देशवासियों की संकल्पशक्ति दिखती है।
विज्ञानसारथिर्यस्तु मनःप्रग्रहवन्नरः।
सोऽध्वनः परमाप्नोति तद्विश्नोः परमं पदम्॥
#11YearsOfDigitalIndia
डिजिटल इंडिया के 11 वर्षों की सफलता से भारतवर्ष को दुनियाभर में एक नई पहचान मिली है। इससे इनोवेशन और टेक्नोलॉजी को अपनाकर देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की देशवासियों की संकल्पशक्ति का पता चलता है।
विज्ञानसारथिर्यस्तु मनःप्रग्रहवान्नरः।
सोऽध्वनः पारमाप्नोति तद्विष्णोः परमं… pic.twitter.com/VhIRgvl4Jo
***
केपी/केसी/एसएस/एचबी