07/30/2026 | Press release | Distributed by Public on 07/30/2026 08:34
सरकार लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के बीच कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डिजिटल प्रौद्योगिकियों को अपनाने को बढ़ावा देने के लिए कई उपाय कर रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) 7 मार्च, 2024 को स्वीकृत ₹10,371.92 करोड़ के परिव्यय के साथ इंडियाएआई मिशन को कार्यान्वित कर रहा है। इस मिशन में सात स्तंभ शामिल हैं, जिनमें इंडियाएआई कंप्यूट क्षमता, इंडियाएआई नवाचार वाकेंद्र, इंडियाएआई डेटासेट प्लेटफॉर्म, इंडियाएआई अनुप्रयोग विकास पहल, इंडियाएआई भविष्य कौशल, इंडियाएआई स्टार्टअप वित्तपोषण और सुरक्षित एवं विश्वसनीय एआई शामिल हैं। इसका उद्देश्य समाज के सभी वर्गों में एआई के लाभों का लोकतंत्रीकरण करना, एआई नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना और सामाजिक रूप से प्रभावशाली, जिम्मेदार और समावेशी विकास सुनिश्चित करना है, जिसमें सभी क्षेत्रों में एआई को अपनाने को सुगम बनाना भी शामिल है। मिशन का लक्ष्य एमएसएमई सहित समाज के सभी वर्गों में एआई के लाभों का लोकतंत्रीकरण करना है ताकि उनकी उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाया जा सके।
सरकार उद्योग और अनुसंधान संस्थानों के सहयोग से मूल्यांकन अध्ययनों के माध्यम से समय-समय पर लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) में डिजिटल अपनाने की सीमा का आकलन करती है। नीति आयोग का आउटपुट-आउटकम मॉनिटरिंग फ्रेमवर्क (ओओएमएफ) भी सरकारी हस्तक्षेपों के परिणामों के मूल्यांकन के लिए एक संस्थागत तंत्र के रूप में कार्य करता है।
यह जानकारी केंद्रीय लघु एवं मध्यम उद्यम राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर के रूप में दी।
***
पीके/केसी/एनकेएस