11/03/2026 | Press release | Distributed by Public on 11/03/2026 03:37
Cyclon vs iPhone: स्मार्टफोन पर कोई काम करने के लिए आमतौर पर हमें खुद एप खोलना पड़ता है, अलग-अलग स्क्रीन पर जाना होता है और फिर हर स्टेप पूरा करना होता है। लेकिन अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से इस तरीके को बदलने की तैयारी हो रही है। स्टार्टअप कंपनी साइक्लोन (Cyclon) एक ऐसा एआई फोन तैयार कर रहा है, जो यूजर के कहने पर खुद एप्स चलाकर काम पूरा कर सकेगा। इस फोन के बारे में दावा किया जा रहा है कि ये भविष्य में आईफोन की जगह ले सकता है।
साइक्लोन को पहले एक प्रोटोटाइप एआई असिस्टेंट के तौर पर लाया गया है जो गूगल के Pixel 8a फोन में ऑपरेट करता है। हालांकि, कंपनी का लक्ष्य बहुत जल्द एक ऐसा फोन लॉन्च करने की है जिसमें साइकलोन का एआई ऑपरेटिंग सिस्टम होगा। इस फोन की खासियत यह होगी कि इसमें यूजर को खुद अलग-अलग एप में जाकर काम करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। फोन के डेवलपर्स का दावा है कि यूजर को अपना काम करने के लिए फोन को छूने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी।
बाकी एआई असिस्टेंट से कैसे अलग है साइक्लोन?
आजकल के ज्यादातर एआई असिस्टेंट तब तक कोई काम नहीं कर सकते, जब तक डेवलपर्स उन्हें किसी एप या एपीआई के साथ इंटीग्रेट नहीं करते। लेकिन साइक्लोन को किसी डेवलपर की अनुमति की जरूरत नहीं होगी। यह फोन पर बिल्कुल उसी तरह काम करता है जैसे एक इंसान अपने फोन पर करता है। यह एक काम को पूरा करने के लिए कई अलग-अलग एप्स का एक साथ उपयोग कर सकता है।
व्हाट्सएप से फोटो ढूंढकर खुद करेगा सेंड
अगर आपको अपने किसी दोस्त को व्हाट्सएप चैट में बहुत पुरानी कोई फोटो भेजनी हो तो आपको पुराने मैसेज सर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके लिए आपको बस साइक्लोन को कमांड देना होगा। वह खुद आपकी चैट में जाकर वो फोटो ढूंढेगा और आपके दोस्त को भेज देगा।
इसकी सबसे हैरान करने वाली खूबी यह है कि अगर आपको किसी ऐसे काम के लिए एप की जरूरत है जो फोन में मौजूद ही नहीं है, तो साइक्लोन उसी वक्त ऑन-द-स्पॉट आपके लिए एक नया एप बना देता है। जब आपका फोन आपकी जेब में होता है, तब भी यह बैकग्राउंड में आपके जरूरी काम निपटाता रहता है। कंपनी का कहना है कि साइक्लोन एआई ऑपरेटिंग सिस्टम लेवल पर काम करता है, इसलिए यह एआई वह सारे काम कर सकता है जो साधारण एआई असिस्टेंट नहीं कर पाते।
क्या आप इसे अभी खरीद सकते हैं?
इस फोन को अभी कोई स्टैंड अलोन डिवाइस के रूप में लॉन्च नहीं किया गया है। कंपनी फिलहाल गूगल के साथ साझेदारी में Google Pixel 8a में साइक्लोन एआई इंस्टॉल कर फोन को बेच रही है। कंपनी यूएस में ग्राहकों को प्री-ऑर्डर के 30 दिनों के भीतर इसकी शिपिंग कर रही है।
हालांकि, कंपनी का असली लक्ष्य खुद का कस्टम हार्डवेयर बनाना है। अपने डिवाइस के साथ, साइक्लोन की योजना ज्यादा पावरफुल एआई मॉडल्स को सीधे डिवाइस पर चलाने की है। इन्हें क्लाउड मॉडल्स के साथ जोड़ा जाएगा, ताकि यूजर्स का कीमती पर्सनल डेटा पूरी तरह से सुरक्षित रहे और डिवाइस के अंदर ही रहे।
क्या हर एप के साथ बैठा पाएगा तालमेल?
साइक्लोन का आइडिया दिलचस्प है, लेकिन इसकी असली परीक्षा रोजमर्रा के इस्तेमाल में होगी। हर एप का डिजाइन, मेन्यू और काम करने का तरीका अलग होता है। ऐसे में एआई के लिए हर एप की स्क्रीन को समझना और सही बटन पर टैप करना आसान नहीं होगा।
अगर साइक्लोन अलग-अलग एप्स में बिना गलती किए काम कर पाता है, तो इससे फोन इस्तेमाल करने का तरीका बदल सकता है। यूजर्स को छोटे-छोटे कामों के लिए बार-बार एप खोलने और स्क्रीन पर टैप करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लेकिन अगर एआई एप्स के इंटरफेस को सही से नहीं समझ पाया या बीच में काम अटक गया, तो यह भी दूसरे एआई असिस्टेंट की तरह सिर्फ बड़े-बड़े दावे करने वाला प्रोडक्ट बनकर रह जाएगा। फिलहाल साइक्लोन की सबसे बड़ी चुनौती इसे रोजमर्रा के इस्तेमाल में भरोसेमंद साबित करना है।