दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के मार्गों की सुरक्षा रणनीति में बदलाव किया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गुरुवार को दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार से हालात का जायजा लिया था। इसके बाद शुक्रवार को दिल्ली पुलिस मुख्यालय की ओर से यह नई रणनीति जारी की गई।
अब प्रदर्शन स्थल व आसपास के मार्गों की सुरक्षा का जिम्मा 17 से 18 डीसीपी संभालेंगे। एक विशेष पुलिस आयुक्त स्तर के अधिकारी मौके पर रहेंगे। हर मार्ग की सुरक्षा एक जिला डीसीपी के नेतृत्व में उस जिले की पुलिस संभालेगी। अशोक रोड की सुरक्षा दक्षिण जिला पुलिस को, संसद मार्ग की दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस को और जंतर-मंतर रोड की नई दिल्ली जिला पुलिस को सौंपी गई है। सुरक्षा की पूरी कमान हर रोज एक विशेष आयुक्त के हाथ में होगी। उनकी सहायता के लिए दो संयुक्त आयुक्त और दो डीसीपी रिजर्व में रहेंगे।
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दिल्ली पुलिस की फोरेंसिक टीमों ने जांच शुरू कर दी है। टीमें मारपीट, पत्थरबाजी और बैरिकेड तोड़ने जैसी घटनाओं वाले स्थानों से सबूत जुटा रही हैं। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने ऐप-बेस्ड कैब, फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स कंपनियों को धारा-163 लागू क्षेत्रों में सेवाएं सीमित करने की सलाह दी है। नागरिकों से भी प्रतिबंधित इलाकों में गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की गई है।
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भीड़ में फंसे एसीपी विवेक भगत को डीसीपी विनीत कुमार ने बचाया
प्रदर्शन के दौरान एम्स में भर्ती कनॉट प्लेस के एसीपी विवेक भगत के लिए डीसीपी विनीत कुमार फरिश्ता साबित हुए। यदि वह भीड़ के बीच घुसकर एसीपी भगत को बाहर नहीं निकालते, तो बड़ा हादसा हो सकता था। आरोप है कि इस दौरान उनके पीएसओ हवलदार राहुल को एक शरारती तत्व ने चाकू मार दिया, जबकि ऑपरेटर दीपक भी पत्थर लगने से घायल हो गए।
दिल्ली पुलिस की आईएफएसओ यूनिट के डीसीपी विनीत कुमार ने बताया कि बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे उनकी ड्यूटी संसद मार्ग-टॉलस्टॉय मार्ग पर थी। इसी दौरान राजौरी गार्डन के एसीपी शरद चंद निर्मल ने सूचना दी कि प्रदर्शनकारियों ने एसीपी विवेक भगत को घेर लिया है और उन पर लात-घूंसों, डंडों व पत्थरों से हमला कर रहे हैं। सूचना मिलते ही डीसीपी विनीत कुमार अपने पीएसओ हवलदार राहुल और ऑपरेटर दीपक के साथ मौके पर पहुंचे। एसीपी शरद चंद निर्मल ने भीड़ को रोकते हुए उन्हें कवर दिया, जिसके बाद डीसीपी विनीत कुमार ने एसीपी विवेक भगत को पकड़कर सुरक्षित बाहर निकाला। इसी दौरान भीड़ में मौजूद एक शरारती तत्व ने हवलदार राहुल के पेट में चाकू घोंप दिया। गंभीर रूप से घायल राहुल को बाद में अस्पताल ले जाया गया, जहां उनके पेट में पांच से अधिक टांके लगाए गए।
पैलेट गन के इस्तेमाल के आरोपों की जांच आरएएफ करेगी
दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के दौरान जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग और पैलेट गन के इस्तेमाल के आरोपों की जांच अब आरएएफ करेगी। आरएएफ ने दिल्ली में 20 जुलाई को हुए सीजेपी विरोध प्रदर्शन के दौरान जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग और पैलेट गन के इस्तेमाल के आरोपों की जांच शुरू की है। सूत्रों के मुताबिक जांच के बाद औपचारिक कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी पर विचार होगा। ब्यूरो
एसटीएफ की कमान और निगरानी व्यवस्था
विशेष टास्क फोर्स का नेतृत्व पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) रैंक का अधिकारी करेगा। एसटीएफ क्राइम ब्रांच के अधीन कार्य करेगी, जबकि अपराध शाखा के विशेष पुलिस आयुक्त इसकी समग्र निगरानी और प्रशासनिक नियंत्रण संभालेंगे। जांच की गुणवत्ता और प्रभावशीलता बनाए रखने के लिए समय-समय पर आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएंगे। इसी बीच दिल्ली हाई कोर्ट ने भी पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालत गठित की है।