Results

Ministry of Heavy Industries of the Republic of India

07/04/2026 | Press release | Distributed by Public on 07/04/2026 06:29

'मादक पदार्थों की मांग में कमी के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना', नशा मुक्त भारत अभियान माननीय प्रधान मंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नशा मुक्त भारत बनाने के दृष्टिकोण के अनुरूप है

सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय

'मादक पदार्थों की मांग में कमी के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना', नशा मुक्त भारत अभियान माननीय प्रधान मंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नशा मुक्त भारत बनाने के दृष्टिकोण के अनुरूप है


एक नशा मुक्‍त समाज के निर्माण के प्रति समर्पित सभी हितधारकों, केंद्र सरकार से सरकार और समाज के माध्‍यम से सामूहिक और समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता है: केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार

मंत्रालय ने उपचार और पुनर्वास सेवाओं का विस्तार किया है; उपचार चाहने वाले व्यक्तियों की संख्या में 294% की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है यह 2.08 लाख से बढ़कर 8.20 लाख से अधिक हो गई है: श्री सुधांश पंत

प्रविष्टि तिथि: 04 JUL 2026 4:22PM by PIB Delhi

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय मादक पदार्थों की मांग में कमी लाने के लिए नोडल मंत्रालय है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने 'मादक पदार्थों की मांग में कमी लाने की राष्ट्रीय कार्य योजना' शुरू की है। यह एक व्यापक ढांचा है जिसका उद्देश्य रोकथाम, जागरूकता पैदा करना, क्षमता विकास, उपचार, पुनर्वास और सामाजिक पुनर्एकीकरण है। इन प्रयासों को और मजबूत करने के लिए, 2020 में नशा मुक्त भारत अभियान शुरू किया गया था। यह माननीय प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नशा मुक्त भारत की परिकल्‍पना के अनुरूप है।

केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने एक बयान में आम जनता, राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों, संबंधित मंत्रालयों और नागरिक समाज सहित सभी हितधारकों से सामूहिक और समन्वित कार्रवाई का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार समग्र सरकारी और समग्र सामाजिक दृष्टिकोण के माध्यम से नशामुक्त समाज बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मंत्री ने कहा कि सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा 2019 में भारत में 'नशीली दवाओं के उपयोग की व्यापकता' पर किए गए पहले राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण से समस्या की भयावहता और अधिक स्पष्ट हो जाती है। उन्होंने आगे कहा कि निष्कर्षों से पता चला है कि 7 करोड़ से अधिक व्यक्ति नशीली दवाओं के उपयोग से संबंधित विकारों से प्रभावित हैं। इनमें लगभग 1.2 करोड़ बच्चे और 58 लाख महिलाएं शामिल हैं ।

डॉ. कुमार ने कहा कि मादक पदार्थों के सेवन के खिलाफ लड़ाई जागरूकता, जन-केंद्रित उपायों, अंतर-क्षेत्रीय समन्वय, सहानुभूति और साझा जिम्मेदारी से होनी चाहिए।

सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के सचिव श्री सुधांश पंत ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में मंत्रालय ने देशभर में 768 नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों के साथ उपचार एवं पुनर्वास सेवाओं का विस्तार किया है। उन्होंने आगे कहा कि इन सेवाओं पर बढ़ता भरोसा इस बात से स्पष्ट होता है कि उपचार चाहने वाले लोगों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसमें 294% की वृद्धि हुई है। यह 2020 में 2.08 लाख से बढ़कर2025 में 8.20 लाख से अधिक हो गई है, जहां बिना किसी भेदभाव या पूर्वाग्रह के उपचार प्राप्त किया जा रहा है।

श्री पंत ने कहा कि केवल जन आंदोलन के माध्यम से ही हम सशक्त, विकसित और नशामुक्त भारत की राह बना सकते हैं, जहाँ प्रत्येक व्यक्ति सशक्त, स्वस्थ और उत्पादक हो। उन्होंने सभी से https://nmba.dosje.gov.in/content/take-a-pledge पर नशामुक्त भारत के लिए एकजुट होकर प्रतिज्ञा लेने और नशामुक्ति मित्र के रूप में पंजीकरण करने के लिए क्यूआर कोड स्कैन करने का आग्रह किया।

सचिव ने कहा कि सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग सभी नागरिकों, संस्थानों, युवा संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों और सामुदायिक हितधारकों से इस राष्ट्रीय आंदोलन में एकजुट होकर 'नशा मुक्त भारत, खुशहाल भारत' के दृष्टिकोण को साकार करने में योगदान देने का आह्वान करता है।

उन्होंने कहा कि मंत्रालय की टोल-फ्री नशामुक्ति हेल्पलाइन 14446 पर4.69 लाख कॉल आ चुकी हैं, जो सहायता चाहने वाले व्यक्तियों और परिवारों के लिए संपर्क का पहला बिंदु है। उन्होंने आगे कहा कि एनएमबीए ऐप 2.0 के लॉन्च से राज्यों, जिलों, आध्यात्मिक संगठनों और अन्य हितधारकों को एनएमबीए के तहत जमीनी स्तर पर की गई गतिविधियों का डेटा अपलोड करने में मदद मिलती है इस ऐप में कई नए नागरिक केंद्रित फीचर्स शामिल हैं और इससे वास्तविक समय में जानकारी मिलती है।

पिछले महीने, उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित देव संस्कृति विश्वविद्यालय (डीएसवीवी) में 17 से 26 जून तक मनाए गए नशा मुक्त भारत सप्ताह में1.31 करोड़ से अधिक नागरिकों ने भाग लिया। इस दौरान नशा मुक्ति मित्र पंजीकरण अभियान, सेमिनार और वेबिनार, बच्चों और युवाओं के लिए प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक, नारा लेखन प्रतियोगिताएं, ई-प्रतिज्ञाएं, रैलियां, योग सत्र, हस्ताक्षर अभियान, निबंध लेखन प्रतियोगिताएं, चित्रकला प्रतियोगिताएं और कई अन्य सामुदायिक सहभागिता पहल सहित जागरूकता सृजन और सामुदायिक लामबंदी गतिविधियों की एक श्रृंखला आयोजित की गई।

देश भर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, संबंधित मंत्रालयों और विभागों, अनुदान प्राप्त संस्थानों, नशा मुक्ति केंद्रों और अन्य हितधारकों के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया और नशा मुक्त भारत के निर्माण के प्रति अपनी सामूहिक प्रतिबद्धता को दोहराया।

***

पीके/केसी/पीपी/आर


(रिलीज़ आईडी: 2281100) आगंतुक पटल : 12
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Gujarati
Ministry of Heavy Industries of the Republic of India published this content on July 04, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on July 04, 2026 at 12:29 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]