Amar Ujala Ltd

07/31/2026 | Press release | Distributed by Public on 07/30/2026 22:55

पीएम मोदी के AI डीपफेक वीडियो पर शिकंजा: मेटा इंडिया प्रमुख अरुण श्रीनिवास पर एफआईआर दर्ज, क्या है पूरा मामला

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पीएम मोदी के AI डीपफेक वीडियो पर शिकंजा: मेटा इंडिया प्रमुख अरुण श्रीनिवास पर एफआईआर दर्ज, क्या है पूरा मामला?

Fri, 31 Jul 2026 10:09 AM IST
राकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद। Published by: राकेश कुमार Updated Fri, 31 Jul 2026 10:09 AM IST
सार

एआई-जनरेटेड फर्जी वीडियो के प्रसार पर हैदराबाद पुलिस ने मेटा इंडिया प्रमुख अरुण श्रीनिवास पर एफआईआर दर्ज की है। यह मामला डिजिटल सुरक्षा, फर्जी खबरों और टेक प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े करता है। क्या है पूरा मामला? जानिए...

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मेटा के खिलाफ कोर्ट गए कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला (एआई जनरेटेड)
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विस्तार

सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फर्जी और एआई-जनरेटेड वीडियो वायरल होने के मामले में हैदराबाद पुलिस ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। हैदराबाद की साइबर क्राइम पुलिस ने फेसबुक और इंस्टाग्राम की मूल कंपनी मेटा इंडिया के प्रमुख अरुण श्रीनिवास और कई सोशल मीडिया यूजर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
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यह पूरी कार्रवाई दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए एक छात्र आंदोलन के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से फैलाए गए एआई-मॉर्फ्ड यानी तकनीक के जरिए बदले गए वीडियो के संदर्भ में की गई है। इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी खबरें और भ्रामक सामग्री फैलाना अब महंगा पड़ सकता है।
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कैसे शुरू हुआ विवाद और क्या है पुलिस की थ्योरी?
जांच अधिकारियों के मुताबिक, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स पर पीएम मोदी से जुड़े फर्जी वीडियो इस तरह तैयार और शेयर किए जा रहे थे, जिससे आम जनता के गुमराह होने का गंभीर खतरा पैदा हो गया था। पुलिस इस समय पूरे मामले की गहराई से पड़ताल कर रही है। जांच में यह जानने की कोशिश की जा रही है कि इन फर्जी वीडियो को सबसे पहले कहां से और किसने अपलोड किया, इन्हें किन खातों के जरिए आगे बढ़ाया गया और किस इरादे से फैलाया गया। इसके अलावा, पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि इन हरकतों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आईटी अधिनियम के किन-किन प्रावधानों का उल्लंघन हुआ है।
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क्या टेक कंपनियों के सुरक्षा इंतजाम नाकाफी हैं?
यह एफआईआर ऐसे समय में आई है, जब कुछ ही दिन पहले हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने मेटा के प्रतिनिधियों को समन जारी किया था। पुलिस ने कंपनी से यह पूछा था कि उनके पास एआई से बने फर्जी विज्ञापनों, घोटालों और भ्रामक कंटेंट को पकड़ने और हटाने का क्या सिस्टम है। समन मिलने के बाद मेटा का एक प्रतिनिधि जांच अधिकारियों के सामने पेश भी हुआ था और उन्होंने अपनी कंपनी की कंटेंट मॉडरेशन नीतियों और नियमों के अनुपालन की जानकारी दी थी। हालांकि, इसके बावजूद एफआईआर दर्ज होना यह दिखाता है कि पुलिस टेक कंपनियों द्वारा किए जा रहे दावों और उनके प्लेटफॉर्म पर असल में मौजूद कंटेंट के अंतर को बेहद गंभीरता से ले रही है।

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जंतर-मंतर पर टिप्पणी से जुड़ी दूसरी बड़ी कानूनी कार्रवाई
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान एक और अलग मामला सामने आया है, जो जंतर-मंतर पर हुए उसी विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। नोएडा की रहने वाली रुचिका सिंह नाम की महिला के खिलाफ पीएम मोदी पर बेहद आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में जीरो एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला गाजियाबाद की रहने वाली स्मृति सिंह की शिकायत पर गौतमबुद्ध नगर के एक्सप्रेसवे पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि महिला ने सार्वजनिक रूप से देश के सांविधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई और ऐसे शब्द कहे जिससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ने और नफरत फैलने का अंदेशा था। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मानहानि और शांति भंग करने की कोशिश का मामला दर्ज कर लिया है।

फिलहाल हैदराबाद पुलिस और यूपी पुलिस दोनों ही मामलों में डिजिटल सबूत जुटा रही हैं। पुलिस का कहना है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और जैसे-जैसे डिजिटल साक्ष्य सामने आएंगे, आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Amar Ujala Ltd published this content on July 31, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on July 31, 2026 at 04:55 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]